टीम से बाहर किए जाने पर पहली बार बोले सूर्यकुमार यादव, ‘डेढ़ महीने तक घर पर यही सोचता रहा’

नई दिल्ली
टी20 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने आखिरकार भारतीय टीम से बाहर किए जाने के फैसले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। इस साल की शुरुआत में भारत को अपनी कप्तानी में वर्ल्ड चैंपियन बनाने के तुरंत बाद अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए सूर्या की जगह श्रेयस अय्यर को नया कप्तान चुन लिया था। सेलेक्टर्स का यह कड़ा फैसला पिछले दो सालों में सूर्यकुमार के बल्ले से रनों के पड़े सूखे के कारण माना गया। हालांकि, उनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने एक भी सीरीज नहीं गंवाई थी।

सूर्यकुमार यादव का पहला रिएक्शन आया सामने
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए सूर्यकुमार ने टीम से बाहर होने के अपने शुरुआती रिएक्शन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने टीम में अपना नाम नहीं देखा, तो वह गुस्सा होने के बजाय मुस्कुरा दिए। चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हुए सूर्या ने कहा, 'जब मेरा नाम नहीं था तो मैं मुस्कुरा दिया। जब स्थितियां मेरे खिलाफ होती हैं या दबाव होता है तो मैं हमेशा मुस्कुराता हूं और शांत रहता हूं। जो समय मुझे मिला मैं उसके लिए आभारी हूं।'

सूर्या को वापसी की उम्मीद
अपनी कप्तानी और भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए सूर्यकुमार ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वे आगे भी टीम का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैंने नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। 2026 में आने के बाद मुझे लगा था कि मैं अगले दो सालों तक टीम को आगे ले जाऊंगा ओलंपिक आएगा और फिर एक और टी20 विश्व कप होगा। लेकिन आप जो सोचते हैं और दूसरा जो सोचता है उसमें फर्क होता है। अगर उन्होंने सोचा कि आगे के लिए यह बेहतर फैसला है तो उन्होंने फैसला लिया। मुझे कोई शिकायत नहीं थी क्योंकि यह उनका फैसला था।'

1.5 महीने घर पर सोचता रहा
शुरुआती शांति के बावजूद सूर्यकुमार ने स्वीकार किया कि बाद में इस फैसले को पचाना उनके लिए आसान नहीं था। विश्व कप और एशिया कप जीतने के बाद टीम से बाहर होना उनके लिए निराशाजनक था। उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, 'मैं थोड़ा निराश जरूर था। जब आप दो साल में एक भी सीरीज नहीं हारे विश्व कप और एशिया कप जीता है तो आप सोचते हैं कि यही सिलसिला आगे बढ़ना चाहिए। जब सब कुछ सही चल रहा था तो फिर बदलाव का कारण क्या था? यह बात मेरे दिमाग में बार-बार आ रही थी। डेढ़ महीने तक मैं घर पर यही सोचता रहा।'

2-3 पहले आया था सेलेक्टर्स का कॉल
चयन प्रक्रिया पर बात करते हुए सूर्या ने बताया कि टीम की आधिकारिक घोषणा से 2-3 दिन पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें फोन करके अपना फैसला बता दिया था। उन्होंने बताया, 'उन्होंने टीम की घोषणा से 2-3 दिन पहले मुझे फोन किया और कहा कि अब आगे बढ़ने (मूव ऑन करने) का समय आ गया है। मैंने कोई कड़ा रिएक्शन नहीं दिया, क्योंकि सूर्या कभी ऐसा नहीं रहा। उन्होंने जो भी फैसला लिया, टीम की भलाई सोचकर ही लिया होगा। आपने फैसला लिया और मुझे बता दिया, मुझे कोई दिक्कत नहीं है।'

 

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