लेबर अड्डों पर श्रमिकों को मिलेगा सस्ता भोजन, योगी सरकार की बड़ी तैयारी

लखनऊ
 तमिलनाडु राज्य की अम्मा कैंटीन की तर्ज पर अब प्रदेश में श्रमिकों को सरकार सस्ते दर पर भोजन की थाली मुहैया कराएगी। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस कदम से अब गांव से आकर शहरों में मजदूरी करने वाले कहीं पर भूखे नहीं रहेंगे। लेबर अड्डों पर श्रमिकों के लिए कैंटीन खोली जाएंगी, जहां उन्हें सस्ते दर पर नाश्ता और भोजन मिलेगा। भोजन की थाली की कीमत पांच से दस रुपये होगी। प्रदेश में पंजीकृत 1.95 करोड़ श्रमिक इससे लाभान्वित होंगे।

विधान सभा चुनाव से पहले कैंटीन सेवा का लाभ उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत 1.95 करोड़ श्रमिकों को देने के लिए सरकार सितंबर में सात नगर निगमों के 13 लेबर अड्डों पर श्रमिक सुविधा केंद्र निर्माण का शिलान्यास करने जा रही है। सुविधा केंद्रों पर श्रमिकों को अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।

चुनाव के मद्देनजर सरकार विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के साथ ही हर वर्ग को साधने में जुटी है। हाल ही में युवाओं व महिलाओं से संबंधित कई अहम निर्णय करने के बाद सरकार अब निर्माण श्रमिकों को तोहफा देने की तैयारी में है।

लेबर अड्डों पर बनाए जाने वाले श्रमिक सुविधा केंद्र में श्रमिकों के लिए बैठने, स्वच्छ पानी, शौचालय की सुविधा के साथ ही कैंटीन की सुविधा भी रहेगी। इसके साथ ही सुविधा केंद्र में श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के काउंटर तथा कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था भी होगी।

सरकार के निर्देश पर श्रम विभाग ने सभी शहरों में उन लेबर अड्डों का चयन कर लिया हैं, जहां सुविधा केंद्र बनाए जाने हैं। लेबर अड्डों पर श्रमिक सुविधा केंद्र के निर्माण के लिए जिलाधिकारियों से जमीन मुहैया कराने को कहा गया है।

न्यूनतम दर पर श्रमिकों को भोजन की थाली
श्रम मंत्री अनिल राजभर के मुताबिक गाजियाबाद, झांसी, मुरादाबाद, लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर और वाराणसी नगर निगम क्षेत्र के 13 लेबर अड्डों पर श्रमिक सुविधा केंद्र के लिए जगह मिल गई है। इन अड्डों पर सुविधा केंद्र बनाने के लिए अगले महीने शिलान्यास कार्यक्रम होगा। गाजियाबाद में तीन, झांसी में दो, मुरादाबाद में दो, लखनऊ में एक, मेरठ में तीन, गोरखपुर में दो तथा वाराणसी में एक लेबर अड्डे के पास जमीन मिल गई है।

तीन मंजिला तक सुविधा केंद्र
उन्होंने बताया कि इसी वर्ष कैंटीन शुरू कर देने की कोशिश है। भोजन थाली पांच से दस रुपये की होगी। तीन मंजिला तक सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने अम्मा कैंटीन शुरू की थी। इनमें श्रमिकों, गरीबों, छात्रों आदि को तीन से पांच रुपये में सांभर-चावल, दही आदि दिया जाता है। गुजरात, महाराष्ट्र सहित कई और राज्यों में भी ऐसी कैंटीन संचालित हैं।

 

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